स्वच्छ भारत से सामर्थ्यशाली भारत तक!
नरेंद्र मोदी सरकार के एक दशक के कार्यों का प्रखर लेखा-जोखा और विकसित भारत का हुंकारपूर्ण संकल्प “ देशभक्ति केवल तिरंगा लहराने , नारे लगाने या देश पर गर्व करने तक सीमित नहीं है। देशभक्ति का असली अर्थ है—राष्ट्र की प्रगति को पहचानना , सच्चाई के साथ खड़ा होना , देशहित में योगदान देना और भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ना!” प्रस्तावना : बदलाव आँखों के सामने है , तो उसे स्वीकार करने में संकोच कैसा ? 2014 से भारत की यात्रा केवल सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं है , बल्कि देश की विकास संबंधी प्राथमिकताओं , प्रशासनिक कार्यशैली , बुनियादी सुविधाओं और वैश्विक भूमिका में आए अनेक महत्वपूर्ण बदलावों की कहानी भी है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने स्वच्छता , सड़क एवं रेल अवसंरचना , डिजिटल क्रांति , राष्ट्रीय सुरक्षा , जनकल्याणकारी योजनाओं और विदेश नीति जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। लेकिन आज एक बड़ा सवाल है— क्या देश की प्रगति का मूल्यांकन तथ्यों के आधार पर होगा , या राजनीतिक पूर्वाग्रहों और नकारात्मक प्रचार के चश्मे से ? मेरे विचार...