मिट्टी में गोबर मिलाने से जैविक गतिविधियों में होने वाले वैज्ञानिक परिवर्तन
कृषि विज्ञान में गोबर को केवल पारंपरिक जैविक खाद नहीं माना जाता , बल्कि यह मिट्टी की जैविक सक्रियता ( Biological Activity) को गहराई से प्रभावित करने वाला एक शक्तिशाली कारक है। आधुनिक शोध बताते हैं कि गोबर मिट्टी के सूक्ष्मजीवी समुदाय , एंजाइम क्रियाओं , कार्बन खनिजीकरण तथा पोषक चक्रण को व्यापक रूप से बदल देता है। आइए समझते हैं कि वैज्ञानिक दृष्टि से मिट्टी में गोबर मिलाने के बाद क्या-क्या परिवर्तन होते हैं। सूक्ष्मजीवी जैवभार में उल्लेखनीय वृद्धि मिट्टी में गोबर मिलाने के बाद सबसे पहले जो परिवर्तन देखा जाता है , वह है सूक्ष्मजीवी जैवभार ( Microbial Biomass) में वृद्धि। वैज्ञानिक रूप से इसे दो मुख्य मापदंडों से आँका जाता है: Microbial Biomass Carbon (MBC) Microbial Biomass Nitrogen (MBN) शोधों में पाया गया है कि गोबर मिलाने पर: MBC में 40–100% तक वृद्धि हो सकती है। MBN में 25–60% तक वृद्धि दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि मिट्टी में जीवित सूक्ष्मजीवों की संख्या और सक्रियता दोनों बढ़ जाती हैं। सरल शब्दों में: अधिक सूक्ष्मजीवी जैवभार का अ...